आज के समय में बैंक से जुड़े किसी भी काम को करवाने के लिए लोगों को कई बार बैंक के चक्कर काटने पड़ते हैं। बैंकों के कई बार चक्कर काटने के बावजूद बैंक में काम करने वाले कर्मचारी आम लोगों की नहीं सुनते। अगर आप भी उन्हीं लोगों में से एक है जो कि किसी काम को लेकर लगातार बैंक के चक्कर काट काट कर थक चुके हैं और आपका काम नहीं बन रहा है तो ऐसे में यह पोस्ट आपके लिए ही है। आज हम आपको इस पोस्ट के माध्यम से आपको इस बात की जानकारी देंगे कि अगर कोई बैंक कर्मचारी आप की बात नहीं सुनता है तो ऐसे में आप अपनी तरफ से क्या कर सकते हैं। तो चलिए बताते हैं आपको इसके बारे में विस्तार से…

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बैंक की कर्मचारियों के द्वारा सभी ग्राहकों को तरह तरह की सुविधाएं और सेवाएं देने का प्रावधान है। परंतु अगर कभी कोई बैंक करमचारी आपको सर्विस देने से मना कर देता है तो ऐसे में आप उसके खिलाफ ग्राहक बैंकिंग लोकपाल के तहत अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। अब आपके मन में यह सवाल उठ रहा होगा कि आप बैंकिंग लोकपाल के तहत अपनी शिकायत कैसे दर्ज करवाएं। तो हम आपको बता दें कि आपको सबसे पहले बैंक में ही अपनी शिकायत दर्ज करवानी होगी। बैंक में अपनी शिकायत को दर्ज करवाने के लिए आपको लिखित में अपनी परेशानियों का जिक्र करना होगा। बैंक में शिकायत करने के बाद भी अगर आपकी समस्या का समाधान नहीं होता है तो आप दूसरी प्रक्रिया को अपना सकते हैं।

 

बैंक के द्वारा आपकी समस्या के निराकरण ना किए जाने के बाद आपको उस बैंक के कस्टमर केयर को संपर्क करके अपनी शिकायत दर्ज करवानी है। शिकायत दर्ज करवाने के साथ ही आपको उसे कंप्लेंट नंबर भी लेना है और आपको उस कंप्लेंट नंबर को भविष्य के लिए संभाल कर रखना भी होगा जिससे कि आपको बार-बार अपनी समस्या बतानी ना पड़े। अगर इस तरीके को आजमाने के बाद भी आपकी समस्या का समाधान नहीं होता है तो ऐसे में आप बैंकिंग लोकपाल की शरण में जा सकते हैं। बैंकिंग लोकपाल की बात करें तो बैंकिंग लोकपाल रिजर्व बैंक के द्वारा सभी बैंक के ग्राहकों की समस्या का समाधान करने के लिए बनाया गया है। यहाँ कोई भी व्यक्ति अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। शिकायत दर्ज कराने के 30 से 45 दिनों के अंदर उस व्यक्ति की शिकायत का समाधान निश्चित तौर पर हो जाएगा। तो चलिए जानते हैं कि किन-किन कारणों को लेकर आप अपनी शिकायत बैंकिंग लोकपाल में दर्ज करवा सकते हैं।

यदि बैंक अधिकारी नही सुनता है आपकी अर्जी तो इस नंबर पर करें बस 1 कॉल, चंद मिनट में खतरे में आ जायेगी उसकी नौकरी

आज के समय में बैंक से जुड़े किसी भी काम को करवाने के लिए लोगों को कई बार बैंक के चक्कर काटने पड़ते हैं। बैंकों के कई बार चक्कर काटने के बावजूद बैंक में काम करने वाले कर्मचारी आम लोगों की नहीं सुनते। अगर आप भी उन्हीं लोगों में से एक है जो कि किसी काम को लेकर लगातार बैंक के चक्कर काट काट कर थक चुके हैं और आपका काम नहीं बन रहा है तो ऐसे में यह पोस्ट आपके लिए ही है। आज हम आपको इस पोस्ट के माध्यम से आपको इस बात की जानकारी देंगे कि अगर कोई बैंक कर्मचारी आप की बात नहीं सुनता है तो ऐसे में आप अपनी तरफ से क्या कर सकते हैं। तो चलिए बताते हैं आपको इसके बारे में विस्तार से…

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बैंक की कर्मचारियों के द्वारा सभी ग्राहकों को तरह तरह की सुविधाएं और सेवाएं देने का प्रावधान है। परंतु अगर कभी कोई बैंक करमचारी आपको सर्विस देने से मना कर देता है तो ऐसे में आप उसके खिलाफ ग्राहक बैंकिंग लोकपाल के तहत अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। अब आपके मन में यह सवाल उठ रहा होगा कि आप बैंकिंग लोकपाल के तहत अपनी शिकायत कैसे दर्ज करवाएं। तो हम आपको बता दें कि आपको सबसे पहले बैंक में ही अपनी शिकायत दर्ज करवानी होगी। बैंक में अपनी शिकायत को दर्ज करवाने के लिए आपको लिखित में अपनी परेशानियों का जिक्र करना होगा। बैंक में शिकायत करने के बाद भी अगर आपकी समस्या का समाधान नहीं होता है तो आप दूसरी प्रक्रिया को अपना सकते हैं।

बैंक के द्वारा आपकी समस्या के निराकरण ना किए जाने के बाद आपको उस बैंक के कस्टमर केयर को संपर्क करके अपनी शिकायत दर्ज करवानी है। शिकायत दर्ज करवाने के साथ ही आपको उसे कंप्लेंट नंबर भी लेना है और आपको उस कंप्लेंट नंबर को भविष्य के लिए संभाल कर रखना भी होगा जिससे कि आपको बार-बार अपनी समस्या बतानी ना पड़े। अगर इस तरीके को आजमाने के बाद भी आपकी समस्या का समाधान नहीं होता है तो ऐसे में आप बैंकिंग लोकपाल की शरण में जा सकते हैं। बैंकिंग लोकपाल की बात करें तो बैंकिंग लोकपाल रिजर्व बैंक के द्वारा सभी बैंक के ग्राहकों की समस्या का समाधान करने के लिए बनाया गया है। यहाँ कोई भी व्यक्ति अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। शिकायत दर्ज कराने के 30 से 45 दिनों के अंदर उस व्यक्ति की शिकायत का समाधान निश्चित तौर पर हो जाएगा। तो चलिए जानते हैं कि किन-किन कारणों को लेकर आप अपनी शिकायत बैंकिंग लोकपाल में दर्ज करवा सकते हैं।

अगर आपको चेक ड्राफ्ट के भुगतान में देरी हो रही है तो ऐसे में आप बैंकिंग लोकपाल की शरण में जा सकते हैं। इसके साथ ही साथ अगर बैंक रिजर्व बैंक के द्वारा निर्धारित की गई दरों के दिशा निर्देशों का पालन नहीं करती है तो भी आप बैंकिंग लोकपाल की शरण ले सकते हैं। अगर कोई बैंक सरकार द्वारा आवश्यक फंड के भुगतान को स्वीकार करने में देरी करता है या फिर स्वीकार करने से इंकार करता है तो ऐसे में आप बैंकिंग लोकपाल की शरण में जा सकते हैं। इसके अलावा अगर कभी आपके बैंक खाते से बिना सूचना के पैसे निकाल लिए जाते हैं तो आप इसकी शिकायत बैंकिंग लोकपाल में कर सकते हैं। इसके साथ ही साथ अगर कभी आपका खाता अचानक से आपको बिना बताए बंद कर दिया जाता है तो भी आप बैंकिंग लोकपाल की शरण ले सकते हैं। अगर आप लोन लेने के पूरी तरह योग्य है पर बैंक आपको लोन देने से मना कर रहा हो या फिर आपसे रिश्वत मांग रहा हो तो आप इसकी शिकायत बैंकिंग लोकपाल में कर सकते हैं